प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना: छात्रों के लिए अवसर

उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखने वाले उन छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है, जो पैसों की तंगी के कारण अपनी पढ़ाई आगे नहीं बढ़ा पाते थे। केंद्र सरकार ने मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता देने के लिए ‘प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत छात्रों को बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए फंड मुहैया कराया जाता है।

इस योजना को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी थी, जिससे हर साल देश के बीस लाख से अधिक छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके तहत भारत के टॉप के उच्च शिक्षण संस्थानों (QHEIs) में एडमिशन लेने वाले छात्र लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि इस योजना की योग्यता, ब्याज दरें और आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया क्या है।

प्रधान मंत्री विद्या लक्ष्मी लोन स्कीम मुख्य विशेषताएं


बिना किसी गारंटी के लोन: इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि देश के टॉप संस्थानों में 1एडमिशन पाने वाले किसी भी छात्र को बिना किसी कोलैट्रल, बिना किसी सिक्योरिटी या बिना किसी गारंटर के लोन मिल सकेगा।

कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं: छात्रों को इस लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग फीस भी नहीं देनी होगी, जिससे पढ़ाई की शुरुआत में उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

सरकार देगी क्रेडिट गारंटी: ₹7.5 लाख तक के लोन पर भारत सरकार बैंकों को 75% क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगी।

ब्याज में छूट: जिन छात्रों के परिवार की सालाना आय ₹8 लाख तक है, उन्हें मोरेटोरियम पीरियड यानी पढ़ाई के दौरान ₹10 लाख तक के लोन पर 3% ब्याज छूट भी दी जाएगी।

इन बैंकों से मिलेगा लोन: छात्र देश के सभी शेड्यूल्ड बैंकों, रीजनल रूरल बैंकों (RRBs) और को-ऑपरेटिव बैंकों से इस योजना के तहत लोन ले सकते हैं।

क्या है लोन चुकाने की अवधि और ब्याज दरें?

ब्याज दर: पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत ब्याज दरें अलग-अलग बैंकों, वित्तीय संस्थानों और संस्थान की फीस के आधार पर तय होती हैं। वर्तमान में ₹10 लाख तक के लोन के लिए ब्याज दरें 8.1% से लेकर 18% सालाना तक हो सकती हैं।

रीपेमेंट की अवधि: इस एजुकेशन लोन को चुकाने के लिए छात्रों को 15 साल तक का लंबा समय मिलता है, जिसमें मोरेटोरियम पीरियड यानी पढ़ाई की अवधि और उसके ठीक बाद का समय शामिल नहीं है।

लाइफ इंश्योरेंस की सुविधा: लोन की राशि एक निश्चित सीमा से अधिक होने पर बैंक छात्र के नाम पर लाइफ इंश्योरेंस कवरेज भी खरीद सकते हैं। छात्र के अनुरोध पर इस इंश्योरेंस प्रीमियम को लोन की कुल राशि में ही जोड़ा जा सकता है।

कौन से संस्थान हैं इस योजना में शामिल?

इस योजना का उद्देश्य नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) द्वारा तय किए गए भारत के टॉप 860 क्वालिटी हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स (QHEIs) में पढ़ने वाले छात्रों को सपोर्ट करना है। सरकार ने साल 2024–25 से 2030–31 की अवधि के लिए इसके लिए लगभग ₹3,600 करोड़ का प्रावधान रखा है।

PM Vidyalaxmi Loan के लिए कैसे करें अप्लाई?

इस योजना के तहत लोन पाने की प्रक्रिया को बेहद आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है। छात्र नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं:

आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक विद्यालक्ष्मी पोर्टल (Vidyalaxmi Portal) पर विजिट करें।
रजिस्ट्रेशन करें: पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाएं। इसके लिए आपको अपना नाम, ईमेल आईडी, पता, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र (जैसे- आधार नंबर) और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज करनी होंगी।
लॉगिन करें: रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद अपने यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करें।
लोन सेक्शन चुनें: होमपेज पर ‘लोन एप्लीकेशन सेक्शन’ (Loan Application Section) पर जाएं और संबंधित लोन टाइप को चुनें।

विवरण भरें: फॉर्म में अपने कोर्स का नाम, संस्थान का नाम, फीस का ढांचा और अपनी व्यक्तिगत जानकारियां बिल्कुल सही-सही भरें।
एप्लीकेशन सबमिट करें:
पूरा फॉर्म एक बार अच्छी तरह चेक करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक कर दें।
स्टेटस ट्रैक करें: आवेदन जमा होने के बाद आप इसी पोर्टल के जरिए अपने लोन एप्लीकेशन का स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं। लोन मंजूर होते ही आपको नोटिफिकेशन मिल जाएगा।

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